मां तेरी कमी…😔

मां तेरे बिन ये घर बिखर-सा रहा है..,

हर कोई दिखता मजबूत पर सब टूट-सा रहा है..!

हर चीज में तेरी खुशबू महसूस-सी होती है..,

इन कानो को भी तेरी आहट महसूस-सी होती है..!

अंदर ही अंदर टूटे से लग रहे है..,

मां मेरा घर बिखरता सा लग रहा है ..!Screenshot 2020 01 12 10 37 52 09!

ना कोई गले लगाकर प्यार करने को आते हैं..,

ना कोई परेशानी वाला हाल सुनने को आते हैं..!

डर है मां दुनिया का घर ये मेरा तोड़ ना दे..,

ओह..मेरी मां..! इस बस्ती को अब कोई फोड़-ना दे..!

ना ज़हन है ना इल्म और ना ही तुझ जैसे हैं..,

मां तेरी कमी हर जगह अब महसूस-सी हो रही है..!

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